Monday, May 4, 2020

'हाँ' कहती है...

अनुरक्त नयनों से
 मेरी प्रीत को 'हाँ' कहती है।
गर्माहट से भरी देह भी
मेरा ही आलिंगन चाहती है।
मुझे पता है, 
रूह-सी अनश्वर 'हाँ'
हृदय में वो लिए बैठी है।
मुझे पता है। 

किन्तु कम्पित अधरों से 
बेमन हो 'ना' कहती है!
है मजबूरी, मुझे पता है!
                ...Rahul

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